Sunday, February 2, 2020

निर्मला ने कहा, करदाताओं को राहत देकर कर कानूनों को सरल बनाने की कोशिश

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को करदाताओं को राहत देकर कर कानूनों को सरल बनाने के लिए नई वैकल्पिक व्यक्तिगत आयकर व्यवस्था पेश की. बजट में पेश नई वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कई तरह की छूट और कटौतियां नहीं मिलेगी. नए ढांचे में विभिन्न आयवर्ग के करदाताओं के लिए दरों में कटौती की गई है और कुछ नए स्लैब बनाए हैं. नए वैकल्पिक कर ढांचे में 30 प्रतिशत की उच्चतम दर 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर लागू होती है जबकि पहले से चल रहे ढांचे में 10 लाख रुपये से अधिक की आय 30 प्रतिशत की कर दर के तहत आती है.

अनुमान है कि नई कर दरों से सरकारी खजाने को सालाना 40 हजार करोड़ के राजस्व से वंचित होना पड़ेगा. करदाताओं को विकल्प दिया जाएगा कि वह चाहे तो छूट और कटौती के साथ पुरानी कर व्यवस्था में रहें या फिर बिना छूट वाले नए कर ढांचे को अपनाएं. इसके तहत, 2.5 लाख रुपये तक की आय कर मुक्त रहेगी. 2.5 से पांच लाख तक की आय पर पांच प्रतिशत की दर से कर लगेगा, लेकिन 12,500 रुपये की राहत बने रहने से इस सीमा तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा. पांच से साढ़े सात लाख रुपये तक की आय पर 10 प्रतिशत, साढ़े सात से 10 लाख रुपये तक की आय पर 15 प्रतिशत, 10-12.5 लाख रुपये तक की आय पर 20 प्रतिशत और 12.5 से 15 लाख रुपये तक की आय पर 25 प्रतिशत की दर से आयकर का प्रस्ताव है.

वहीं पंद्रह लाख रुपये से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत की दर से आयकर लगेगा. उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव से सरकारी खजाने को सालाना 40,000 करोड़ का नुकसान होगा. वित्त मंत्री ने कहा कि पुरानी कर व्यवस्था में छूट और कटौतियों की करीब 100 व्यवस्थाएं हैं. नई सरल कर व्यवस्था में 70 तरह की छूट और कटौतियों को हटाने का प्रस्ताव है. आगे चलकर शेष बची छूट और कटौती पर समीक्षा और जांच- पड़ताल की जाएगी. उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि नई कर प्रणाली को अपनाने से सालाना 15 लाख रुपये की आय कमाने वाले को 78,000 रुपये की बचत होगी

क्या है यह नया टैक्स स्लैब

-5 लाख से 7.5 लाख तक की आमदनी पर 10 प्रतिशत टैक्स देना होगा. पहले 20 प्रतिशत टैक्स लागू था.
-7.5लाख से 10 लाख तक की आमदनी पर 15 प्रतिशत की दर से टैक्स देना होगा. पहले 20 प्रतिशत की दर से टैक्स लगता था.
-10 लाख से 12.5 लाख तक की आमदनी पर 20 प्रतिशत से टैक्स लगेगा. पहले 30 प्रतिशत से टैक्स वसूला जाता था.
-12.5 लाख से 15 लाख तक 25 प्रतिशत की दर से टैक्स लगेगा. पहले 30 प्रतिशत की दर से लगता था.
-15 लाख रुपये से ऊपर की टैक्सेबल इनकम पर पहले की तरह ही 30 प्रतिशत की दर से टैक्स लगता रहेगा.

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source https://indiaabhiabhi.com/nirmala-said-try-to-simplify-tax-laws-by-giving-relief-to-taxpayers/

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