Wednesday, December 25, 2019

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर: एनआरसी से ऐसे अलग है एनपीआर, पढ़ें पूरी डिटेल

नागरिकता कानून को लेकर देशभर में जारी हंगामें के बीच मोदी सरकार ने आज एक और बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट की बैठक में नागरिकता जनसंख्या रजिस्टर के अपडेशन को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही कैबिनेट ने इसके लिए 8500 करोड़ रुपए भी मंजूर किए हैं। बता दें कि NPR के तहत तीन चरणों में देश के नागरिकों की जानकारी अपडेट की जाएगी। इसमें तीन स्तर पर कर्मचारी घर-घर जाकर नागरिकों की जानकारी जुटाएंगे। नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर में एक जगह पर 6 महीने से ज्यादा वक्त तक रहने वाले व्यक्ति को अपना नाम दर्ज कराना अनिवार्य होगा।

एनआरसी से ऐसे अलग है NPR

देश में इस वक्त CAA और एनआरसी को लेकर जमकर हंगामा मचा हुआ है। हालांकि NPR और एनआरसी के बीच किसी भी तरह का ताल्लुक नहीं है। NPR में देश के किसी भी हिस्से में 6 महीने या उससे ज्यादा वक्त तक रहने वाले व्यक्ति की जानकारी को रिकॉर्ड पर लिया जाता है। इसमें हर नागरिक को अपनी जानकारी इस रजिस्टर में दर्ज कराना अनिवार्य होता है। इस रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराने के लिए सरकार द्वारा किसी भी तरह के दस्तावेज की मांग नहीं की गई है।

वहीं दूसरी ओर एनआरसी का मकसद देश में अवैध रुप से रहने वाले विदेशियों की पहचान करना है। नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स यानि एनआरसी में लोगों को भारतीय नागरिक होने के दस्तावेज प्रस्तुत करना होते हैं। दस्तावेज ना होने की सूरत में उनका नाम एनआरसी की सूची में दर्ज नहीं होता है। जिन लोगों का नाम NRC सूची में नहीं है भारत सरकार उन्हें घुसपैठिया मानती है।

तीन चरणों में तैयार होगा NPR

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर यानि NPR को तीन चरणों में तैयार किया जाएगा। पहले चरण में 1 अप्रैल 2020 से 30 सितंबर 2020 के बीच केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी घर-घर जाकर आंकड़े जुटाएंगे। दूसरा चरण 9 फरवरी 2021 से 28 फरवरी 2021 के बीच पूरा होगा। तीसरे चरण में संशोधन प्रक्रिया होगी जो कि 1 मार्च 2021 से 5 मार्च 2021 तक की जाएगी।

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source https://indiaabhiabhi.com/national-population-register-npr-is-different-from-nrc-read-full-detail/

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