पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के एक प्रधान सहायक ने डीएम चंद्रभूषण सिंह को एक शिकायती पत्र दिया था. इसमें उच्च अफसरों पर एनआरएचएम के बजट का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था. यह भी कहा कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें धमकी भी दी गई. डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए सीडीओ को जांच के आदेश दे दिए. सीडीओ अनुनय झा ने वरिष्ठ कोषागार अधिकारी महिमा चंद्र से जांच कराई. जांच में बड़े फजबवाड़े की पुष्टि हुई है.
जांच में पता चला है कि एनआरएचएम के तहत 2018 में बायोमेडिकल वेस्ट कलेक्शन शेड के निर्माण के लिए 48 लाख का बजट जारी हुआ था. इससे जिले के 16 स्वास्थ्य केंद्रों पर तीन-तीन लाख की कीमत से शेड बनने थे. नियमानुसार इनका निर्माण लोक निर्माण विभाग, आरईडी समेत अन्य सरकारी निर्माण दायी संस्थाओं के माध्यम से होना था. लेकिन, अफसरों ने इस कार्य को मै. सुशील कुमार कांट्रेक्टर को दे दिया. जोकि पूरी तरह से नियमों के खिलाफ था.
घपले-घोटाले के लिए चर्चित स्वास्थ्य विभाग की ‘सेहत’ में सुधार होने का नाम नहप ले रहा है. अब राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है. अफसरों ने नियमों को ताक पर रख एक करोड़ से ज्यादा की धनराशि का बंदरबांट कर दिया. न तो निर्माण कार्य नियमों से हुआ और न ही गुणवत्ता पूर्ण फनबचर की खरीदारी हुई. ऑपरेटरों के समायोजन में भी नियमों की धज्जियां उड़ा डाली. विभागीय कर्मचारियों की शिकायत के बाद जब डीएम इसकी जांच कराई तो भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ. सीडीओ ने सीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
2018 में ही जिले के 30 सब सेंटरों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाने के लिए 50 लाख रुपये का फनबचर व उपकरण जेम पोर्टल से खरीदा गया. इनमें हर केंद्र पर दो कुसब, अलमारी, रोगियों की चार कुसब, स्टूल समेत अन्य फनबचर शामिल थे. अफसरों ने तीन फर्मो को इसका काम दे दिया. जिन फर्म़ों से सामान खरीदा गया है, वे सभी लखनऊ की थी. इन फर्म़ों का आपस में गहरा संबंध है. सुनियोजित तरीके से जेम की आड़ में तीनों फर्म़ों को अलग-अलग दिखाकर महंगा व घटिया सामान को सबसे सस्ता दर्शाकर खरीद लिया गया. सामान को जब स्टोर में भेजा गया तो स्टोर कीपर ने लेने से इंकार कर दिया. इसके बाद भी सीएमओ ने इसे सीधे केंद्रों पर भेजने का आदेश दे दिया. चार केंद्र संचालकों ने भी सामान को लेने से इंकार किया, लेकिन फिर भी सामान की सप्लाई कर दी.
विभागीय अफसरों ने इसी साल एक डेंटल चेयर की खरीदारी की. इसके लिए शासन से सात लाख का बजट आया था. अफसरों ने एक फर्म के माध्यम से इसकी खरीदारी की. लेकिन इसमें भी घपला हो गया. सात लाख की जगह फर्म को 12 लाख दिए गए. जबकि, बाजार में इसकी कीमत आधी से भी कम थी. दवाब के चलते बाद में यह कुसब वापस हो गई. इसी तरह जिले में 12 ऑपरेटरों के समायोजन में भी नियमों को दरकिनार किया गया. निदेशालय के बिना आदेश के ही नियुक्ति कर दी गई.
मुख्य विकास अधिकारी अनुनय झा ने बताया कि शिकायत पर जांच कराई गई थी. इसमें काफी खामियां मिली हैं. ऐसे में सीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
The post एनआरएचएम घोटाले में एक करोड़ से ज्यादा की धनराशि का बंदरबांट appeared first on indiaabhiabhi.
source https://indiaabhiabhi.com/funds-worth-over-one-crore-in-nrhm-scam/
No comments:
Post a Comment