Saturday, February 1, 2020

स्किन की हर प्रॉबल्म दूर करेगा अदरक, जानिए इस्तेमाल का सही तरीका

अदरक के एंटी-ऑक्सीडेंट गुण न केवल सेहत को फायदा पहुंचाते हैं, बल्कि इसे चेहरे पर लगाने से भी कई स्किन प्रॉबल्म की छुट्टी होती है। जी हां, अदरक का रस, चेहरे के दाग-धब्बे, झाइयां, झुर्रियों और इसकी चमक को बरकरार रखने में मदद करता है। चलिए जानते हैं स्किन के लिए आप अदरक का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं…

अदरक और शहद

अगर आपके चेहरे पर ज्यादा कील-मुहांसे हैं तो अदरक के रस में शहद मिलाकर चेहरे पर 15 से 20 मिनट के लिए अप्लाई करें। ऐसा आप हफ्ते में 2 बार जरुर करें। चेहरे पर मौजूद पिंपल्स से छुटकारा पाने के लिए यह एक बेस्ट तरीका है। आपको शायद यकीन न हो, मगर पिंप्लस को दूर करने के लिए अदरक केवल 24 घंटे का समय लेता है।

पिगमेंटेशन और काले दाग-धब्बे

अदरक का रस निकालकर इसमें गुलाब जल, शहद और ग्लिसरीन मिलाकर चेहरे की मसाज करें। चेहरे पर मौजूद पुराने से पुराने दाग-धब्बे बहुत जल्द ठीक हो जाएंंगे। आप ऐसा हफ्ते में 2 बार जरुर करें।

डैंड्रफ

अगर आप बालों में डैंड्रफ, खारिश और बालों के टूटने से परेशान है तो हफ्ते में दो बार स्कैलप पर अदरक का रस जरुर लगाएं। आप चाहें तो नारियल के तेल में भी अदरक का रस डालकर मसाज कर सकते हैं। मसाज करते वक्त हल्के हाथों का इस्तेमाल करें तो बेहतर होगा। अदरक के पाउडर को दही मिलाकर लगाने से भी बालों को फायदा मिलता है। आप इस पैक को तकरीबन 20 से 25 मिनट तक बालों में लगा सकते हैं। इससे ज्यादा और कम का समय न लें।

डार्क सर्कल

अगर आप एक हफ्ते में आंखो के नीचे काले घेरों से छुटकारा पाना चाहती हैं तो हर रात सोने से पहले अदर के रस में 1 टीस्पून शहद मिलाकर आंखों की मसाज करें। अदरक का रस आंखों में नहीं जाना चाहिए, हालांकि आंखों में जाने से कोई नुकसान नहीं होगा, मगर फिर भी आपको ध्यान रखना चाहिए।

तो ये थे स्किन और बालों पर अदरक का रस लगाने के फायदे। आप चाहें तो आज से ही इस घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल शुरु कर सकती हैं।

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दिल्ली में खुला पहला टिफनी एंड कंपनी स्टोर, जानिए इस ब्रांड से जुड़ी 10 बातें

स्टेशनरी से लेकर सगाई की अंगूठी तक के लिए फेमस ब्रांड टिफनी एंड कंपनी अब भारत में भी खुल गया है। रिलायंस के साथ करार करने के बाद भारत का पहला स्टोर दिल्ली में खुल गया है। फिलहाल भारत में स्टोर खोलने के लिए दिल्ली और मुंबई की जगह को चुना गया था और जल्द ही मुंबई में भी इसका स्टोर खुल जाएगा। चलिए इस मौके पर आज हम आपको टिफनी एंड कंपनी के बारे में 10 ऐसी बातें बताएंगे जिन्हें आप भी जानना चाहेगें।

टिफनी एंड कंपनी की शुरुआत 1837 में चार्ल्स लुईस टिफ़नी और जॉन बी यंग ने ब्रुकलिन में की थी। 183 साल पुराने इस ब्रांड में स्टेशनरी व फैंसी समान बेचा जाता था।

टिफनी की सिग्नेचर टील शेड पैनटोन नंबर 1837 से रजिस्टर है। इस पर उनका कॉपीराइट है। यह नेपोलियन III की पत्नी महारानी यूजनी डी मोती जियो से प्रेरित थी, जो कि 19 वीं सदी की सबसे बड़ी फैशन आइकन रही है।

ब्लू बॉक्स जो रोमांटिक इशारों के साथ दोबारा प्रयोग व टिकाऊ होना का प्रतीक है। यह बॉक्स हर हीरे प्रेमी का सपना सच करती हैं। इस स्टोर में एक ही ऐसी चीज होती है जिसे पैसे के साथ नही खरीदा जा सकता है, क्योंकि इस बॉक्स को बेचा नही जाता है।

ब्रेकफास्ट ऐट टिफनी ऐसी पहली फिल्म थी जो कि स्टोर के अंदर शूट की गई थी, इस स्टोर को 40 सुरक्षा गार्डों के साथ सुरक्षित किया गया था।

ब्रेकफास्ट ऐट टिफनी फिल्म से प्रेरित होकर स्टोर ने अपने कैफे- द ब्लू बॉक्स कैफे की शुरुआत की थी।

टिफनी एंड कंपनी की कुल संपत्ति 10.76 बिलियन डॉलर से अधिक हैं।

इस स्टोर पर स्टेशनरी से लेकर सगाई की अंगूठी तक सब कुछ मिलता है। इन प्रोडेक्ट्स को बहुत ही कम दाम पर बेहतरीन शिल्पकारों द्वारा बनाया जाता है।

प्रियंका चोपड़ा की ब्राइडल शॉवर ज्यूलरी 9.8 करोड़ से अधिक की थी। इतना ही नही उन्होंने अपना ब्राइडल शावर कैफे में सेलिब्रेट किया था।

कोहनूर के बाद खोजा गया टिफनी का पीले रंग का डायमंड सबसे बड़ा था। इसके कैरेट का वजन 287.42 कैरेट था। इसे 128.54 कैरेट के कुशन आकार में काटा गया था। ऑड्रे हेपबर्न के बाद, लेडी गागा ही ऐसी महिला है जिन्होंने ऑस्कर के लिए इसे पहना था।

1860 के दशक में सिविल युद्ध के दौरान टिफनी ने तलवार, झंड़ों व सर्जिकल उपकरण की भी स्पलाइ की थी।

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बैली फैट के कारण ना हो परेशान, अपनायें इस स्टाइल हैक्स को और बने बेहद आर्कषक

काफी सारी लड़किया अपने बैली फैट का लेकर काफी परेशानी रहती है और जब भी उनको सज-धज कर कही जाना होता है तो उनको काफी दुख होता है कि वह अपनी पसंदीदा ड्रेस नही पहन सकती है।हमेशा अपने बैली फैट को छुपाने के लिए एक ही स्टाइल के कपडे पहनने पड़ते है।लेकिन आपको अब ऐसे परेशानी नही होगी क्योकि आज हम आपको ऐसी सिचुएशन ने निकालने का एक नया स्टाइल हैक्स बताने वाले है जिसके द्वारा आप बेहद आर्कषक और खूबसूरत दिखाई देंगे।

हमारे इस नये ड्रेसिंग हैक्स को अपनाकर आप अपने बैली फैट को काफी हद तक दबा भी कर सकती है। जैसा कि इस बात को करीब सब लोग जानते है कि वर्टीकल पैटर्न के कपड़ों में आप अपनी हाइट से ज्यादा लम्बे दिखाई देते है और लंबाई ज्यादा दिखाई देने के कारण इसमें आप पतली भी दिखाई देती है।

इसलिए बैली फैट से परेशान लड़किया वर्टीकल पैटर्न को अपनाते हुए खड़ी धारी वाले कपडे पहन सकती है।इसके अलावा रफल टॉप एक ऐसा आउट फिट है, जो आपकी बैली फैट की समस्या का काफी हद तक कम करने के साथ ही आपको आर्कषक भी बनाता है।

इसकी लूज फिटिंग आपके बैली फैट को छिपाने में मदद कर सकती है।हम आपको हाई-वेस्ट पेंट पहनने का भी सुझाव दे रहे लेकिन इसमें टॉप को अंदर करते हुए हल्का सा बाहर की ओर पुल करें ताकि हल्का सा बॉक्सी इफेक्ट पड़ता दिखाई दे।इसको अपनाने से आप पतली तो दिखेंगी ही साथ में लंबी और आर्कषक भी नजर आएंगी।

बैली फैट का एक बेहर इलाज पेंसिल स्कर्ट को माना जा सकता है क्योंकि हर तरह के बॉडी शेप को सूट करती है।

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इमली से इन खतरनाक रोगों की हो जाती है छुट्टी , आप भी देखें और खुश रहे

इमली में मौजूद पॉलीफेनोल्स में एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। ये हृदय रोग, कैंसर और मधुमेह जैसी बीमारियों से रक्षा कर सकते हैं। बीज का अर्क कम रक्त शर्करा में भी मदद कर सकता है, जबकि गूदा निकालने से आपको शरीर का वजन कम करने और फैटी लीवर रोग को दूर करने में मदद मिल सकती है।

इसमें विटामिन सी, विटामिन के, विटामिन बी 6 (पाइरिडोक्सिन), फोलेट, विटामिन बी 5 (पैंटोथेनिक एसिड), तांबा और सेलेनियम की मात्रा होती है। इसमें 6 ग्राम फाइबर, 3 ग्राम प्रोटीन और 1 ग्राम वसा भी होता है।

इमली मधुमेह के लिए एक अच्छा उपाय है। यह मूल रूप से आपके सिस्टम द्वारा कार्बोहाइड्रेट को अवशोषित होने से रोकता है। पचने पर कार्बोहाइड्रेट, चीनी या वसा में बदलना शुरू करते हैं, जो कि मधुमेह रोगियों को अलग-अलग होना चाहिए। इस प्रकार, इमली आपके मधुमेह को ध्यान में रखते हुए आपके रक्त में ग्लूकोज के स्तर की निगरानी और नियंत्रण में मदद कर सकती है।

चूंकि इमली के इतने सारे फायदे हैं और प्रकृति में जैविक है, इसलिए कई लोग यह भूल जाते हैं कि इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। इमली रक्त पतला करने के लिए आवश्यक है और आपके रक्तचाप को कम करती है। हालांकि यह आपके दिल और हृदय के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है, यह दुर्घटना या चोट लगने की स्थिति में थोड़ा खतरनाक साबित हो सकता है क्योंकि आप अंत में बहुत अधिक रक्त खो सकते हैं। इसलिए, यदि आप पहले से ही अपने खून को पतला करने के लिए कोई दवा ले रहे हैं, तो आपको इमली की मात्रा के बारे में सावधान रहना चाहिए। अपने आहार या जीवनशैली में कुछ भी नया जोड़ने से पहले हमेशा अपने चिकित्सक से परामर्श करें क्योंकि आप कभी नहीं जानते कि यह आपको कैसे प्रभावित कर सकता है।

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कोरोना वायरस की चपेट में वो लोग भी हो सकते हैं जिनमें इसके लक्षण नहीं दिख रहे

अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि जिन लोगों में घातक कोरोना वायरस से संक्रमित होने के लक्षण दिखाई नहीं देते, वे भी इससे पीड़ित हो सकते हैं और इसे अन्य लोगों तक फैला सकते हैं। अनुसंधानकर्ताओं ने यह बात ‘द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह कही है। यदि इस बात की पुष्टि हो जाती है तो चीन में फैले इस वायरस को काबू करना और भी मुश्किल हो जाएगा।

इस विषाणु के कारण अब तक 213 लोगों की मौत हो गई है और करीब 9,700 से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं। पत्रिका में प्रकाशित एक मामले के अनुसार 33 वर्षीय जर्मन कारोबारी को 24 जनवरी को गले में खराश, ठंड लगने और मांसपेशियों में दर्द होने की शिकायत हुई।

जर्मनी में ‘यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल एलएमयू म्युनिख’ के विशेषज्ञों समेत अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि अगले दिन जर्मनी के कारोबारी को 39 डिग्री सेल्सियस बुखार और खांसी की दिक्कत हुई। रिपोर्ट में बताया गया है कि अगले दिन शाम में उसे बेहतर महसूस हुआ और वह 27 जनवरी को काम पर चला गया। उसने 20 और 21 जनवरी को म्युनिख में एक चीनी कारोबारी के साथ बैठक की थी। चीनी कारोबारी 19 और 22 के बीच जर्मनी आई थी।

रिपोर्ट के अनुसार चीनी कारोबारी जब तक जर्मनी में रही, उसमें संक्रमण का कोई लक्षण नहीं दिख रहा था, लेकिन चीन लौटने के दौरान उसकी तबीयत खराब हो गई थी। चीन में 26 जनवरी को जांच में वह कोरोना वायरस से पीड़ित पाई गई। रिपोर्ट में बताया गया कि महिला ने कंपनी को अपनी बीमारी के बारे में बताया और जर्मन कारोबारी को जांच के लिए म्युनिख में ‘डिविजन ऑफ इन्फेक्शियस डिजीजेस एंड ट्रॉपिकल मेडिसन’ भेजा गया।

जांच में वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया। अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि 28 जनवरी को कंपनी के तीन अन्य कर्मी भी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। अनुसंधानकर्ताओं ने लोगों को सचेत किया है कि जो लोग वायरस से पीड़ित नहीं दिखते, उनसे भी संक्रमण फैलने का खतरा है।

कोरोना वायरस के सामान्य संकेत और लक्षणों में श्वसन संबंधी लक्षण, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना आदि शामिल हैं। अधिक गंभीर मामलों में, संक्रमण से निमोनिया, सेवेर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम, किडनी फेलियर यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के अनुसार, संक्रमण को रोकने के मानकों में नियमित रूप से हाथ धोना, खांसते और छींकते समय मुंह और नाक को ढंकना, मांस और अंडे को अच्छी तरह से पकाना शामिल है। खांसी-जुकाम और सांस की बीमारी के लक्षण दिखाने वाले किसी भी व्यक्ति के पास जाने से बचें।

खांसने, छीकने, बीमारी व्यक्ति को हाथ लगाने, खाना बनाते समय, कूड़ा उठाने, खाने के बाद, बाहर से आने के बाद अपने हाथों को साबुन और पानी से धोयें
छींकते और खांसते समय अपने मुंह और नाक को कवर रखें
इस्तेमाल किये गए टिश्यू को बंद कूड़ेदान में फेंकें
छींकते या खांसते समय अपनी आस्तीन को ऊपर रखें
फ्लू जैसे लक्षणों से पीड़ित लोगों के पास जाने से बचें
मीट और अंडे को अच्छी तरह पकाकर खायें
मीट काटने के लिए हर बार चाकू को अच्छी तरह धोकर यूज करें
कच्चे मीट को हाथ में पकड़ने के बाद भी हाथ को अच्छी तरह धोयें
बीमार पशु का मीट खाने से बचें
किसी भी तरह के पशु उत्पाद को हाथ लगाने के बाद हाथों को धोयें
मोहल्ले के किसी भी पालतू या आवारा पशु से दूर रहें
बुखार और खांसी से पीड़ित किसी भी व्यक्ति के पास जाने से बचें
यदि आपको बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई हो रही है, तो जल्दी से चिकित्सक के पास जायें
जानवरों और फार्म में काम करने वाले लोगों से दूर रहें
कच्चे या अधपके पशु उत्पादों के सेवन से बचें
अपने घर में दिन में कम से कम दो बार पोंछा लगायें
सफाई के दौरान हाथों में ग्लव्स पहनें

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प्राचीन भारत में भी था बजट का चलन, जानिए कौन होता था ‘पणि’

भारत में प्राचीनकाल से ही टैक्स की व्यवस्था रही है और उस टैक्स को सैन्य क्षमता बढ़ाने और जनता के हित में खर्च करने का प्रावधान भी रहा है। फूटी कौड़ी से कौड़ी, कौड़ी से दमड़ी, दमड़ी से धेला, धेला से पाई, पाई से पैसा, पैसा से आना, आना से रुपया तो बाद में बना उससे पहले प्राचीन भारत में स्वर्ण, रजत, ताम्र और मिश्रित मुद्राएं प्रचलित थी जिसे ‘पण’ कहा जाता था। इन पणों को संभालने के लिए राजकोष होता था। राजकोष का एक प्राधना कोषाध्यक्ष होता था। आओ जानते हैं प्राचीन भारत का वित्त विभाग।

1.कुबेरे देवता देवताओं के कोषाध्यक्ष थे। सैन्य और राज्य खर्च वे ही संचालित करते थे। इसी तरह अनुसरों के कोषाध्यक्ष भी थे। वैदिक काल में सभा, समिति और प्रशासन व्यवस्था के ये तीन अंग थे। सभा अर्थात धर्मसंघ की धर्मसभा, शिक्षासंघ की विद्या सभा और राज्यों की राज्यसभा। समिति अर्थात जन साधरण जनों की संस्था है। प्रशासन अर्थात न्याय, सैन्य, वित्त आदि ये प्रशासनिक, पदाधिकारियों, के विभागों के काम। इसमें से प्रशान में एक व्यक्ति होता था जो टैक्स के एवज में मिली वस्तु या सिक्के का हिसाब किताब रखता था। इसमें प्रधान कोषाध्यक्ष के अधिन कई वित्त विभाग या खंजांची होते थे। यह व्यवस्था रामायण और महाभारत काल तक चली। उस काल में जो भी व्यक्ति इस व्यवस्था को देखता था उसे ‘पणि’ कहा जाता था।

सिंधु सभ्यता में मुद्राओं के पाए जाने से यह पता चलता है कि वहां पर वस्तु विनिमय के अलाव मुद्रा का लेन-देन भी था। उस काल में भी वित्ति विभाग होता था जो राज्य से टैक्स वसुरलता और बाहरी लोगों से भी चुंगी नाका वसुलता था। यह सारी मुद्राएं या वस्तुएं राजकीय खाजने में जमा होती थी। सिंधु घाटी का समाज मूलतः व्यापार आधारित समाज था और नदियों में नौकाओं तथा समुद्र में जहाजों के जरिये इनका व्यापार चलता था। इसलिए उस काल में मुद्रा का बहुत महत्व था। स्वर्ण, ताम्र, रजत और लौह मुद्राओं के अलावा कहते हैं कि कौड़ियों का भी प्रचलन था।

2.इसके बाद कौटिल्य ने अपने अर्थशास्त्र में बजट व्यवस्था का जिक्र किया है। इस अर्थशास्त्र में मौर्य वंश के वक्त की राजकीय व्यवस्था के बारे में जानाकारी मिलती है। उस काल में रखरखाव, आगामी तैयारी, हिसाब-किताब का लेखा-जोखा वर्तमान बजट की तरह पेश किया जाता था। उस वक्त जिन कार्यों पर काम चल रहा है उसे ‘कर्णिय’ और जो काम हो चुके ‘सिद्धम’ कहा जाता था।

3.विक्रमादित्य और राजा हर्षवर्धन के काल तक अलग अलग क्षेत्रों में भिन्न भिन्न तरह से वित्तिय व्यवस्था संचालित होती थी। अवंतिका जनपद के महान राजा विक्रमादित्य ने नवरत्न रखने की परंपरा की शुरुआत की थी। इस परंपरा का अनुसरण कई राजाओं ने किया। दक्षिण भारत के महान सम्राट अष्ट दिग्गज कृष्णदेव राय के यहां अष्ट दिग्गज थे। इसके अलाव भोज और चोल राजाओं के काल में भी वित्त विभाग होता था।

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Friday, January 31, 2020

कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद बोले,सरकार शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बात करने को तैयार

केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यह संरचनात्मक रूप में होनी चाहिए। कानून मंत्री ने शनिवार सुबह ट्वीट करते हुए कहा कि सरकार शाहीनबाग के प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए तैयार है, यह बातचीत संरचनात्मक रूप में होनी चाहिए और नरेंद्र मोदी की सरकार उनसे संवाद करने तथा सीएए के खिलाफ उनके सभी संदेह दूर करने के लिए तैयार है।”

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